19 अगस्त 2013 - 19:30
मिस्र में मरने वालों की संख्या 1000 से ऊपर पहुँची।

मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड और सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या 1000 से ऊपर पहुँच गई है जबकि मुस्लिम ब्रदरहुड नें पीछे हटते हुए विरोध प्रदर्शनों को रोकने का ऐलान किया है....

मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड और सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या 1000 से ऊपर पहुँच गई है जबकि मुस्लिम ब्रदरहुड नें पीछे हटते हुए विरोध प्रदर्शनों को रोकने का ऐलान किया है। मिस्री फ़ौज नें सऊदी अरब की मदद से कल भी 79 लोगों को मौत की घाट उतार दिया। मुस्लिम ब्रदरहुड नें मजबूर होकर देश में सभी प्रदर्शन रद्द कर दिये हैं। मिस्र में अपनी ही जनता पर फ़ौज के अत्याचार के पाँच दिनों में मरने वालों की संख्या 1000 हो चुकी है। कई हज़ार लोग घायल हैं जिसमें बहुत से लोग ज़िन्दगी और मौत की स्थिति में हैं। मस्जिदें, मुर्दाघरों में बदल गई हैं। आज भी मिस्री प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध फ़ौजी कार्यवाही जारी है लेकिन मुर्सी के समर्थक बचाव की हालत में आने के लिये मजबूर हो गए हैं। कल मुस्लिम ब्रदरहुड के 42 लीडरों को गिरफ़्तार कर लिया गया। मिस्र में इन हत्याओं पर उसके साथ सम्बंध रखने हैं कि नहीं? पर विचार के लिये यूरोपीय यूनियन की आपात बैठक आज हो रही है। मिस्र के हालात पर यूरोपीय यूनियन सक्रिय है लेकिन इस्लामी सहयोग संगठन के कान पर जूँ भी नहीं रेंग रही है जिसका असली कारण यह है कि अधिकतर इस्लामी देश सऊदी अरब से जुड़े हैं और सऊदी अरब अमरीका और इस्राईल का ग़ुलाम है। सऊदी अरब की निंदा किये बिना मिस्री फ़ौज की निंदा करना बिल्कुल बेकार है क्योंकि मिस्री फ़ौज नें मिस्र में सऊदी अरब के नक़्शे के माध्यम से क्रियात्मक बनाया है।